राष्ट्रीय
समाचार ब्यूरो
लद्दाख में 8 जगहों पर टकराव की स्थिति!
Total views 14344
चीनी सेना की टालमटोल के बीच भारतीय सेना ने शुरू की मोर्चाबंदी

लद्दाख सेक्टर में करीब 8 स्थानों पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच टकराव के हालात के चलते भारतीय सेना ने अपनी मोर्चाबंदी तेज कर दी है। दरअसल चीनी सेना इन स्थानों से पीछे हटने पर हुए समझौतों के बावजूद टालमटोल की रणनीति अपनाए हुए है। पेंगांग झील के पीछे के किनारों पर 8 फिंगर अर्थात हाथों की 8 अंगुलियों की तरह वाली पहाड़ी शृंखला पर चीनी सेना काबिज है। इन्हें भारतीय सेना पीपीके नाम से पुकारती है अर्थात पैट्रोलिंग प्वाइंट और चीनी सेना फिंगर 1 से 8 के नाम से। रक्षा सूत्रों के अनुसार सबसे अधिक तनावपूर्ण स्थिति पीपी-17 ए पर बनी हुई है जहां दोनों सेनाएं अभी भी एक किलोमीटर की दूरी पर हैं और चीनी सैनिक लगातार चीनी दावे वाली एलएसी तक गश्त करते हुए भारतीय सैनिकों को उकसा रहे हैं। भारतीय सेना ने फिलहाल इस इलाके में भी गश्त को रोका हुआ है। सेनाधिकारी कहते थे कि कोर कमांडर स्तर की वार्ता के बाद चीनी सेना पीपी-15 के हाट स्प्रिंग इलाके से हटने को राजी तो दिखती है पर वह समझौते का पालन करने में अभी भी आनाकानी कर रही है। इसकी खातिर अगले सप्ताह फिर से कोर कमांडर स्तर की वार्ता होने जा रही है।

पीपी-14 के विवादित क्षेत्र में, जिसे गलवान वैली का इलाका भी कहा जाता है, दोनों सेनाएं करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर हैं। बीच का इलाका बफर जोन बना दिया गया है। इस इलाके में भारतीय सेना के कुछ बख्तरबंद वाहन गलवान वैली झड़पों के बाद फंसे हुए थे जिन्हें आज सुबह ही पूरी तरह से निकाला गया है। रक्षाधिकारी मानते थे कि चीनी रवैये से यही लगता है कि लद्दाख सीमा का विवाद लंबा चलेगा और ऐसे में यही कारण था भारतीय सेना ने बंकर बनाने, खंदकें खोदने तथा बैरकों के निर्माण के कार्य में तेजी लाई है।