स्वास्थ्य
क्या मेडिटेशन (ध्यान) करने से भी कम होती है शरीर की चर्बी और मोटापा? जानें मेडिटेशन और वेट लॉस में संबंध
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कुछ लोग वजन घटाने के लिए ध्यान को फायदेमंद मानते हैं। मगर क्या सच में ध्यान के द्वारा वजन घटाया जा सकता है? जानें पूरी बात।

क्या वजन घटाना आपको बहुत मुश्किल काम लगता है? आमतौर पर लोग यही मानते हैं कि मोटापे का कारण या तो कोई बीमारी हो सकती है या फिर खानपान की गलत आदत। मगर कई बार मोटापे की वजह हमारा खान-पान या आदतें नहीं, बल्कि हमारा दिमाग होता है। जी हां, तमाम एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ज्यादा खाने की आदत का भूख से कोई संबंध नहीं है। ये हमारे दिमाग का एक तरह का फितूर है, जिसके कारण तेज भूख होने पर हम जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। दरअसल पेट भरने के बाद मस्तिष्क तक पेट भरा होने का संकेत पहुंचने में 10-15 मिनट का समय लगता है। जब आप ज्यादा भूखे होते हैं, तो कई बार पर्याप्त खा चुकने के बाद भी आपके दिमाग तक ये संकेत न पहुंचने के कारण आप लगातार खाते रहते हैं और अपनी जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। कई बार अपनी मनपसंद चीज देखकर (खासकर कार्ब्स) आप रुक नहीं पाते हैं और पेट भरा होने के बावजूद खा लेते हैं। इस तरह का जबरदस्ती खाया हुआ या अंजाने में खाया हुआ अतिरिक्त खाना ही मोटापे का कारण बनता है। इसके अलावा बहुत सारे लोग तब खाना ज्यादा खाते हैं, जब वो तनाव या चिंता में होते हैं। कुल मिलाकर हम में से ज्यादातर लोगों के ज्यादा खाना खाने का कारण हमारी भावनाएं हैं, जिन्हें ऐन वक्त पर हम रोक नहीं पाते हैं। जब आप अपने शरीर की जरूरत से ज्यादा खाना खाते हैं, तो यही अतिरिक्त कैलोरीज फैट के रूप में शरीर में जमा हो जाती हैं। दरअसल आप दिनभर में जो भी खाना खाते हैं, उसमें कैलोरीज और फैट होते हैं। शरीर दिनभर के काम और फंक्शन में जितनी ऊर्जा खर्च करता है, वो इन्हीं खाने-पीने की चीजों से बनती हैं। अगर आप अपने शरीर की जरूरत भर का खाना खाते हैं, तो आपको सामान्यतः मोटापा नहीं होता है। मगर जब आप जरूरत से ज्यादा खाते हैं, तो शरीर में बची हुई अतिरिक्त कैलोरीज को शरीर इमरजेन्सी स्थिति के लिए फैट के रूप में जमा कर लेता है। यही फैट धीरे-धीरे जमा होता रहता है और आपका वजन बढ़ने का कारण बनता है। मेडिटेशन यानी ध्यान के द्वारा आपको अपना वजन घटाने में मदद मिल सकती है। वैसे तो ध्यान करने में बहुत ज्यादा एनर्जी नहीं खर्च होती है, इसलिए प्रत्यक्ष रूप से ध्यान आपका वजन घटाने में मददगार नहीं है। मगर अप्रत्यक्ष रूप से ध्यान के द्वारा आप अपना वजन घटा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कैसे-

ध्यान आपका तनाव और चिंता कम करने में मदद करता है, जो कि ओवर-ईटिंग का एक बड़ा कारण है।

रोजाना ध्यान के द्वारा आप दिनभर एनर्जी से भरे रहते हैं, जिसके कारण आप ज्यादा एक्टिव रहते हैं और एक्टिव रहने से आपकी कैलोरीज अच्छी मात्रा में बर्न होती हैं।

ध्यान के द्वारा आपको अपनी भावनाओं को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। भावनाओं पर कंट्रोल न कर पाने के कारण ही आप अक्सर जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। ध्यान आपको शांत बनाता है, जिससे आपकी हर समय चटपटी, तीखी, मसालेदार चीजें खाने की क्रेविंग कुछ हद तक कम हो जाती है। ध्यान एक पॉजिटिव आदत है, जो आपको मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाती है। इससे आप दिनभर अच्छा महसूस करते हैं। जो लोग एक्सरसाइज इसलिए नहीं कर पाते हैं कि उन्हें जिम जाना बुरा लगता है, वो भी घर पर 15-20 मिनट समय निकालकर ध्यान कर सकते हैं।

मेडिटेशन करने से आपका मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे आपका शरीर ज्यादा फैट बर्न करता है और आपका वजन सामान्य की अपेक्षा ज्यादा घटता है।



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